पहले पीरियड्स के दौरान इस बच्ची के साथ परिवार वालों ने किया कुछ ऐसा कि बच्ची की…

इस दुनिया में बहुत से देश हैं, उसमें बहुत से गांव और बहुत से शहर हैं जिसमें लोग अलग अलग तरह की संस्कृति और परंपराओं को मानते हैं. आपने कई ऐसी परंपराओं को भी सुना होगा जिसे सुनने के बाद भी आप यकीन नहीं कर पाएं होंगे. अगर हम बात करें महिलाओं और लड़कियों की तो हमारे समाज में लेकर महिलाओं के लिए ज्यादा रिति रिवाज और रोकटोक होती है. पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा रिति रिवाजों का पालन करना पड़ता है.

इसी के साथ आज हम बात करेंगे पीरियड्स की, ये एक ऐसा मुद्दा है जिसपर आज भी लोग खुलकर बात नहीं करना चाहते हैं. आज भी लड़कियो के पीरियड्स को लेकर कई जगहों पर अजीब परंपरा मानी जाती है. आज हम आपको एक ऐसी ही परंपरा के बारे में बताएंगे जिसके चलते एक 12 साल की बच्ची की जान चली गई.

हम यहां तमिलनाडू के एक गांव की बात कर रहे हैं जहां पीरियड्स के दौरान लड़कियों को घर से बाहर निकाल दिया जाता है. इस जगह पर एक 12 साल की लड़की को पहली बार पीरियड्स हुआ, यहां कि परंपरा को देखते हुए उस बच्ची को घर से बाहर 16 दिनों तक रहना था. इस बच्ची के परिवार वालों के घर के बाहर वाली झोपड़ी में रहने को कहा.

जिसके बाद जब बच्ची घर के बाहर वाली झोपड़ी में सो रही थी उसी दौरान वहां चक्रवात आ गया, दरअसल वहां के मौसम विभाग ने पहले ही लोगों को इस आपदा की चेतावनी देकर घर से बाहर निकलने को मना किया था. बावजूद इसके उस बच्ची के घरवालों ने बच्ची को घर के बाहर वाली झोपड़ी में अकेलेे छोड़ दिया.

वहां चक्रवात ने दस्तक दे दी जिससे वहां एक पेड़ उस झोपड़ी जा गिरा और बच्ची की जान चली गई. सुबह जब लोगों देखा तो बच्ची उस पेड़ और झोपड़ी के नीचे दबी पड़ी थी और उसकी मौत हो चुकी थी. इस तरह एक बार फिर इस घठिया परंपरा ने एक और बच्ची की जान ले ली.

NEWS SOURCE (AMARUJALA)

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